मंगलवार, 13 अगस्त 2019

संस्कृति और गुलामी

🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁
संस्कृति और गुलामी..?
जहां तक सम्मान की बात है, तो दुनिया के हर धर्म और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए, लेकिन जीयें सिर्फ अपनी ही संस्कृति को, क्योंकि अपनी ही संस्कृति व्यक्ति को आत्म गौरव का बोध कराती है, जबकि दूसरों की संस्कृति गुलामी का रास्ता दिखाती है।
-सुशील भोले
आदि धर्म जागृति संस्थान
डाॅ. बघेल गली, संजय नगर, रायपुर (छत्तीसगढ)
मो. 9826992811
🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें