*नारी शक्ति देश की*
नारी शक्ति देश की,जाग अब तो जाग
बुरी शक्तियों को अब,दाग अब तो दाग
द्रोपती सीता जैसी,बन जाओ दुर्गा काली।
आज ये दिखा सबको, कितनी है शक्तिशाली।
बैरियों के मुख निकले भाग अब तो भाग......!
जीजा जैसी ज्ञान दे,लक्ष्मी सा प्राण दे।
अनुसुइया की धरती पर, सतित्व का मान दे।
मधुबन राधा गाये,फाग अब तो फाग.......!
कलयुग की नारी हो,दुष्ट को संघारी हो।
आये जो समक्ष तेरे,सबको ललकारी हो।
छोड़ अनुराग दिखा,राग अब तो राग......!
ममता तेरी प्यारी है,जग से भी न्यारी है।
इस धरा की गोद में,राम को उतारी है।
जिसकी सेवा में लगे,नाग अब तो नाग.....!
दिया तुने हमें भगत,और वीर आजाद को।
डिगा सके न शत्रु,तेरे इन फौलाद को।
लेकर बंदुक गोली,दाग अब तो दाग.....!
एक तेरी जय हो,ऐसा कोई समय हो।
सबका तुझे मान मिले,सबका प्रणय हो।
ले चिंगारी धधके,आग अब तो आग.....!
©®
तोषण धनगंइहा
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़ ४९१७७१
मो:-९६१७५८९६६७
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें